Wednesday, October 14, 2009

र्मिच-मसाला के रंग


कविता और चेतन के संग
संगीत के सरताज पंचम दा


आर.डी. बर्मन का जन्म 27 जून 1939 को कोलकाता में हुआ। आर.डी. बर्मन को आमतौर पर पंचमदा नाम से भी जाना जाता है। वह गायक और बालीवुड संगीतकार सचिन देव बर्मन के एक लोते बेटे है। उनकी माता मीरा देवी को संगीत की देवी माना जाता है। बर्मन ने लगभग 18 फिल्मों में पार्श्व गायन किया है। उन्होने संगीत के साथ-साथ अभिनय भी किया। बर्मन ने संगीत की शिक्षा उस्ताद अली अकबर खान से प्राप्त की थी। पंचम दा की शादी 1966 में गीता पटेल से हुई और 1971 में तालाक हो गया था और फिर पंचम दा ने आशा भौसले से शादी की। रचनाएं: 9 साल की उम्र मे एक गीत की रचना की ÷ए मेरी टोपी पलट के आ÷ एक धुन की रचना की ÷सर जो मेरा चकराए÷ बचपन में है ÷अपना दिल तो दीवाना÷ गीत गाया।करियरः पंचम दा ने पिता की सहायता से करियर की शुरुवात की। उन्हाने लगभग 331 फिल्मो में संगीत दिया है। जिसमें 292 हिन्दी फिल्में, 3 तेलगू फिल्में, 2 मराठी फिल्में है। आर.डी. बर्मन ने हिन्दी व मराठी 5 धारावाहिक भी बनाए है। उन्होने 1959 में चलती का नाम गाड़ी, कागज के फूल व प्यासा फिल्मों में संगीत दिया। 1960 से 1970 तक की फिल्में: पंचम दा ने इस दौरान छोटे नवाव, बंदनी, तीन देविया, गाइड, भूत बंगला, तीसरा कौन, चंदन का पलना, तलाश और पड़ोसन फिल्में की। 1970 में आर डी. बर्मन 70 के दशक में प्रसिद्व संगीतकार रहे। उन्होने कंटी पंतग, अमर प्रेम, बुड़ा मिल गया, कारवां और हरे राम हरे कृष्णा, शोले, दीवार, आंधी, खुशबु, धरम कर्म, पिया तू अब तो आजा, मोनिका ओ माए डार्लिंग, आती रहेगी बहारे और कसमे वादे, आने वाला पल प्रमुख गीत रहे। 1980 से 2000 में सत्ते पे सत्ता, तीसरी कसम, राम लखन, 1942 लव स्टोरी जैसी फिल्में की और इन्होने गुलजार व आशा भौंसले के गीतो में संगीत दिया।

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